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Monday, November 3, 2014

तीसरी काउंसिलिंग के लिए कट ऑफ मेरिट जारी -

अब पांच से 13 तक चलेगी काउंसिलिंग


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लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए तीसरी काउंसिलिंग अब तीन के बजाय पांच नवंबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेगी। तीसरी काउंसिलिंग के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने जिलेवार और आरक्षण श्रेणीवार कट ऑफ मेरिट रविवार शाम जारी कर दी है। कट ऑफ मेरिट उप्र बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट http://upbasiceduboard.gov.in/ पर प्रदर्शित करने के साथ ही सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को भी जारी कर दी गई है। कट ऑफ मेरिट सूची जारी करने में विलंब के चलते काउंसिलिंग की तिथि को दो दिन आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। पहले तीसरी काउंसिलिंग की तिथि तीन से 12 नवंबर तय की गई थी। तीसरी काउंसिलिंग के लिए विशेष आरक्षण श्रेणी की उपलब्ध सीटों के 20 गुना और शेष श्रेणियों के 10 गुना अभ्यर्थी बुलाए गए हैं। 1तीसरी काउंसिलिंग के लिए 30035 पद खाली हैं। बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोंडा, बलरामपुर, महाराजगंज, शाहजहांपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर जिलों में ज्यादा पद खाली हैं। काउंसिलिंग में अब अभ्यर्थियों को अपने मूल प्रमाण पत्र जमा तो नहीं करने होंगे लेकिन काउंसिलिंग के समय उन्हें लेकर उपस्थित होना पड़ेगा।

Friday, October 31, 2014

शिक्षक भर्ती में न्यूनतम अंक अर्हता को चुनौती

इलाहाबाद : प्राथमिक विद्यालयों में 72 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति में न्यूनतम अंक की अर्हता को लेकर अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने काउंसिलिंग जारी रखने का निर्देश दिया। हालांकि यह भी कहा कि नियुक्तियां दायर याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन मानी जाएंगी। कोर्ट ने प्रदेश सरकार, एनसीटीई व अन्य विपक्षियों से याचिका पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ ने नीरज कुमार राय व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका में एनसीटीई के उस प्रावधान को चुनौती दी गयी है जिसके तहत प्रशिक्षु अध्यापकों के चयन के लिए बीए, बीएससी व बीकॉम के साथ बीएड में 45 फीसद अंक को अनिवार्य कर दिया गया है। याची का कहना है कि 45 फीसद अंक का मानक तय करना उचित नहीं है। इसकी वजह से अंडर ग्रेजुएट डिग्री धारक चयन प्रक्रिया से वंचित हो रहे हैं। ऐसे में यह नियम विभेदकारी व मनमानापूर्ण होने के कारण रद होने योग्य है। विपक्षी अधिवक्ता आरए अख्तर का कहना है कि एनसीटीई ने केंद्र सरकार की समेकित नीति के तहत न्यूनतम अंक अर्हता नियत की है। राज्य सरकार के अधिवक्ता रामानंद पांडेय का कहना था कि केंद्र सरकार व एनसीटीई की गाइड लाइन व नियमों का पालन किया है। शैक्षिक गुणवत्ता के कारण सरकार ने ऐसा नियम बनाया है। फिलहाल कोर्ट ने हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया है।

विकलांग व सामान्य की एक मेरिट को चुनौती

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिक विद्यालयों में टीईटी पास अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक नियुक्त करने में विकलांगों का कट-ऑफ-मेरिट सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के समान रखने की वैधता पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई की तारीख पांच दिसंबर नियत की है। कोर्ट ने पांच याचियों के लिए पांच पद आरक्षित रखने का भी आदेश दिया है। 1यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय ने बलिया, मऊ के निवासी राम विलास व अन्य की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता आलोक यादव का कहना है कि अमरोहा, बस्ती, कन्नौज जिलों का कट-ऑफ-मेरिट विकलांगों व साधारण अभ्यर्थियों का 120 अंक नियत किया है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग का कट-ऑफ मेरिट कम है। इस व्यवस्था से विकलांग कोटे का उद्देश्य ही विफल हो रहा है। दूसरी तरफ एलटी डिग्रीधारक विवेक चंद्रा को भी सहायक अध्यापक भर्ती काउंसिलिंग में शामिल होने की कोर्ट ने अनुमति दी है और कहा है कि यह याचिका के निर्णय की विषय वस्तु होगी। याची का कहना है कि एलटी डिग्री, बीएड के समकक्ष मानी गई है। बीएड वालों को काउंसिलिंग में बैठने की अनुमति दी गई है।

Thursday, October 30, 2014

बड़े जिलों में प्रशिक्षु शिक्षक बनने की राह नहीं आसान

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में बड़े जिलों में शिक्षक बनने की राह आसान नहीं है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मिले जिलेवार ब्यौरे के आधार पर रिक्तियों पर नजर डाले तो लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ जैसे शहरों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी में सर्वाधिक अंक होने चाहिए। लखनऊ में चार, गौतमबुद्धनगर में छह तो मेरठ में आठ पद रिक्त बचे हैं। जब छोटे जिलों में अभी भी रिक्त पदों की संख्या अधिक है। जानकारों की मानें तो प्रशिक्षु शिक्षक के लिए जारी होने वाली तीसरी मेरिट में अधिकतम पांच अंक तक ही गिर सकती है।
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए तीसरी काउंसलिंग 3 से 12 नवंबर तक होनी है। एससीईआरटी ने एनआईसी को जिलेवार भरे और रिक्त पदों का ब्यौरा उपलब्ध करा दिया है। एनआईसी ने वेबसाइट खोल दी है। डायट प्राचार्य और बेसिक शिक्षा अधिकारी अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन के आधार पर इसमें 31 अक्तूबर को 10 बजे तक गल्तियां ठीक कर सकते हैं। इसके बाद 1 नवंबर की देर रात या फिर 2 नवंबर को तीसरे चरण की काउंसलिंग की मेरिट जारी कर दी जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक बड़े जिलों में प्रशिक्षु शिक्षकों के अधिकतर पद भर चुके हैं, जबकि छोटे जिलों में अभी भी पद खाली हैं। सीतापुर और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भी अभी ठीक-ठाक रिक्तियां हैं।
लखनऊ में चार तो गौतमबुद्ध नगर में छह पद ही खाली
कहां कितने पद खाली
आगरा 38, अलीगढ़ 24, अंबेडकरनगर 163, अमेठी 9, अमरोहा 69, आजमगढ़ 496, औरैया 6, बागपत 30, बलिया 7, बलरामपुर 1518, बांदा 347, बाराबंकी 128, बरेली 787, बस्ती 183, बहराइच 2796, भदोही 221, बिजनौर 43, बदायूं 880, बुलंदशहर 18, चंदौली 436, चित्रकूट 171, देवरिया 362, एटा 121, इटावा 80, फैजाबाद 118, फर्रुखाबाद 110, फतेहपुर 5, फिरोजाबाद 21, गौतमबुद्ध नगर 6, गाजियाबाद 8, गाजीपुर 6, गोंडा 1879, गोरखपुर 140, हमीरपुर 128, हापुड़ 7, हरदोई 742, हाथरस 37, जौनपुर 497, झांसी 18, कन्नौज 88, कानपुर देहात 17, कानपुर नगर 5, कौशांबी 478, लखीमपुर खीरी 1591, ललितपुर 272, लखनऊ 4, महोबा 453, महाराजगंज 1913, मैनपुरी 31, मथुरा 4, मऊ 64, मेरठ 8, मिर्जापुर 952, मुरादाबाद 232, मुजफ्फरनगर 81, पीलीभीत 983, प्रतापगढ़ 211, रायबरेली 290, रामपुर 515, सहारनपुर 158, संभल 157, संतकबीर नगर 431, शामली 75, श्रावस्ती 852, सीतापुर 680, सोनभद्र 935, सुल्तानपुर 898, उन्नाव 68, वाराणसी 36 व इलाहाबाद 373 में प्रशिक्षु शिक्षक के पद रिक्त हैं। पांच जिलों का ब्यौरा नहीं मिल पाया है।
दूसरी काउंसलिंग की सबसे कम मेरिट
महिला कला सामान्य 107 कुशीनगर
महिला एससी 88 बहराइच
महिला एसटी 83 इलाहाबाद
महिला ओबीसी 100 कुशीनगर व लखीमपुर
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पुरुष कला सामान्य 117 सीतापुर व लखीमपुर
पुरुष कला एससी 103 सीतापुर व लखीमपुर
पुरुष एसटी 83 लखीमपुर
पुरुष ओबीसी 111 लखीमपुर
महिला विज्ञान सामान्य 107 बहराइच
महिला एससी 83 आजमगढ़, बलरामपुर
महिला एसटी 83 आगरा व अधिकतर जिले
महिला ओबीसी 97 गोंडा

Wednesday, October 29, 2014

प्रशिक्षु शिक्षकों के 34 हजार पद अब भी खाली -ऑनलाइन संशोधन के लिए दो दिन खुलेगी वेबसाइट

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में चल रही 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में दो चरण की काउंसलिंग के बाद अब भी 34,442 पद खाली हैं। हालांकि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) जिलेवार मिले ब्यौरे का मिलान कर रहा है। इसके बाद खाली पदों के लिए तीसरे चरण की काउंसलिंग होगी। इससे पहले दो दिन के लिए वेबसाइट खोली जाएगी जिससे डायट प्राचार्य त्रुटियां ठीक कर सकें।
तीसरे चरण की काउंसलिंग 3 से 12 नवंबर तक प्रस्तावित है। एससीईआरटी ने दूसरी काउंसलिंग में योग्य अभ्यर्थियों का ब्यौरा जिलेवार मांगा था। जानकारों की मानें तो जिलेवार ब्यौरे के मुताबिक करीब 38,383 अभ्यर्थियों को अर्ह पाया गया है तथा 34,442 पद खाली हैं। जिन अभ्यर्थियों को योग्य पाया गया है उनका शिक्षक बनना तय है। इसलिए अगले चरण की काउंसलिंग से उनका नाम हटा दिया जाएगा। एससीईआरटी ने मंगलवार को पूरा ब्यौरा एनआईसी को सौंप दिया है। एनआईसी इस ब्यौरे के आधार पर मिलान करेगा और अर्ह मिलने वालों के नाम अगली काउंसलिंग से हटाएगा। इसके बाद शेष अभ्यर्थियों और रिक्त पदों के आधार पर मेरिट का निर्धारण किया जाएगा।

Monday, October 27, 2014

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में डेटा होगा ऑनलाइन -


शिक्षक भर्ती में अभ्‍यर्थी हो रहे है हलकान -


शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का हंगामा -

  • पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया

लखनऊ : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाते हुए सोमवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के कार्यालय परिसर में हंगामा किया। अभ्यर्थियों ने एससीईआरटी निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि भर्ती के लिए प्रत्येक काउंसिलिंग के दौरान जारी की गई हर जिले की मदर सूची को भी ऑनलाइन जारी किया जाए। हर काउंसिलिंग के बाद जांच में सही पाये गए अभ्यर्थियों की सूची भी समस्त जानकारी के साथ अगली काउंसिलिंग से पहले ऑनलाइन जारी की जाए। इसमें अभ्यर्थी व उनके पिता का नाम, टीईटी अनुक्रमांक, कंट्रोल आइडी, कंप्यूटर आइडी, जन्मतिथि, वर्ग, स्नातक प्रतिशत आदि का जिक्र हो। अगली काउंसिलिंग से पहले सभी जिलों की खाली सीटों की जानकारी भी ऑनलाइन की जाए। किसी भी काउंसिलिंग से पहले औपबंधिक काउंसिलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों के टीईटी अनुक्रमांक व अंकों का सत्यापन जल्दी कराया जाए। पारदर्शिता के लिहाज से अभ्यर्थियों ने उप्र टीईटी 2011 का परीक्षा परिणाम और 2011 में आये आवेदन पत्रों का डाटा ऑनलाइन करने की भी मांग की है।

Wednesday, October 22, 2014

बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगे -

अखिलेश ने कहा कि मोहनलालगंज के जिस स्कूल में वह गए थे वहां पर्याप्त संख्या में बच्चे नहीं थे। रजिस्टर में नाम ज्यादा बच्चों के थे और उपस्थिति कम थी। खाना, सफाई आदि की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। यह पूछने पर कि बच्चे मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं बता सके? अखिलेश ने रायबरेली दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां तो एक बच्चे ने उन्हें राहुल गांधी बता दिया था। यहां नहीं बताया तो ठीक ही रहा। कोई दूसरा नाम बता देता तो क्या होता? कहा स्कूल में दो शिक्षिकाएं थीं। किसी को सस्पेंड कर देता, बीएसए एबीएसए, डीआईओएस की नाकामी बता देता, लेकिन इससे क्या होता? दरअसल बेसिक शिक्षा में सुधार की जरूरत है। टीचर को सस्पेंड करते तो कहानी दूसरी तरफ चली जाती, जैसे नोएडा में हुआ था। जरूरत यह है कि बच्चों को कैसे सिखाया जाए जिससे उनका ज्ञान बढ़ सके। इस पर सरकार ध्यान देगी। कन्नौज के हसेरन ब्लॉक में चलाए जा रहे पायलट प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां इंटरटेनमेंट, एजूकेशन एंड फू ड की योजना चल रही है। शत प्रतिशत बच्चे आते हैं। आज प्रशिक्षित शिक्षक और अच्छे शिक्षक नहीं है। यह भी समस्या है।

Monday, October 20, 2014

काउंसिलिंग के लिए गड़बड़ सूची चस्पा, बवाल -

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संत कबीर नगर : परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान अध्यापकों की तैनाती के लिए सोमवार को काउंसिलिंग की सूचना पर भारी संख्या में बीएसए कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थियों सूची चस्पा करने में देरी को लेकर बवाल कर दिया। बीएसए कार्यालय में तोड़फोड़ भी की। दोपहर बाद जब सूची चस्पा हुई तो इसमें भी गड़बडी उजागर हो गई। काउंसिलिंग कराने के लिए पूरे दिन मशक्कत चली, लेकिन बात नहीं बनी। मामला सुलझाने के लिए एडीएम आए। फिर भी बात नहीं बनी और अन्तत: सायंकाल छह बजे काउंसिंलिंग स्थगित करनी पड़ी। परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान विषय के रिक्त सीटों पर अध्यापकों की नियुक्ति के लिए पांचवी काउंसिलिंग में सामान्य व आरक्षित वर्ग के सभी अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। गणित व विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। दस बजे जैसे ही काउंसिलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ हुई, अभ्यर्थियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और बीएसए कार्यालय को घेर लिया। वह मेरिट के अनुसार काउंसिलिंग कराने की मांग करने लगे। अभ्यर्थियों के हंगामा के बाद कांउसिलिंग बाधित हो गई। इस बीच टेबल पर कुछ अभ्यर्थियों के प्रपत्र व हस्ताक्षर कराए गए थे। पूरे दिन बीएसए कार्यालय पर अभ्यर्थी जमे रहे। हंमामा की सूचना पाकर एडीएम अजयकांत सैनी मौके पर पहुंचे। पहले उन्होंने सभी टेबल से सूची मंगाई। इसके बाद अभ्यर्थियों से वार्ता की। बात नहीं बनी तो काउंसिलिंग स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी। 
अभ्यर्थियों का आरोप : अभ्र्यिथयों का कहना था कि 128 पद में से सत्तर सीटे रिक्त रह गई थी। इसमें दस सामान्य व 35 ओबीसी की सीट है। इससे पूर्व काउंसिलिंग में 67.2 मेरिट तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। पांचवी काउंसिलिंग में 64.47 मेरिट तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, लेकिन सूची 64.66 मेरिट से चस्पा की गई। बीच की मेरिट गायब थी। इसी बात को लेकर अभ्यर्थी बवाल करते रहे। अभ्यर्थियों का कहना था कि आरक्षित वर्ग व सामान्य वर्ग की सूची में हेराफेरी की गई है। मेरिट डाउन की गलत सूचना जारी की गई। पूर्व में जहां तक की काउंसिलिंग की गई थी, उससे नीचे से सूची लगाई गई। बीच की सूची गायब कर दी गई है। 
बीएसए कार्यालय का बाबू दोषी : एडीएम : विज्ञान शिक्षकों की काउंसिलिंग में गड़बड़ सूची चस्पा करने के लिए एडीएम ने बीएसए कार्यालय के बाबू राकेश मणि को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि करीब चार प्रतिशत मेरिट डाउन करके सूची गजट की गई। इस नाते अन्य जनपदों से लगभग चार हजार कम मेरिट वाले अभ्यर्थी आ गए। ऐसे में अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी हंगामा करने लगे। इस नाते मंगलवार एवं बुधवार की काउंसिंलिंग स्थगित कर देनी पडी। इसके लिए दोषी बाबू के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अभ्यर्थियों ने बनाया वीडियो क्लिप: काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ कराने के लिए विभागीय अधिकारी वीडीओ व डिजिटल कैमरा ढूंढते रहे। करीब ढाई बजे तक कैमरा नही मिल सका था। इस बीच अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे निर्देश व अन्य गतिविधियों को अपने मोबाइल व टैबलेट में कैद करते रहे।

Sunday, October 19, 2014

तय समय पर नहीं हो सकेगी शिक्षक भर्ती -

  • 29825 गणित-विज्ञान शिक्षक, 72825, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक व साढ़े तीन लाख शिक्षामित्रों का मामला
  • अभ्यर्थी शासन से लेकर शिक्षा विभाग के अफसरों के कार्यालयों तक का लगा रहे चक्कर
इलाहाबाद। परिषदीय स्कूलों और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की चल रही भर्ती के समय से पूरा होने की संभावना दूर-दूर तक नहीं दिख रही है क्योंकि इन भर्तियों में इतने अधिक पेंच हो गये है कि उनका शीघ्र पूरा हो पाना मुश्किल हो गया है। परिषदीय स्कूलों में 72825 शिक्षक-शिक्षिकाओं और जूनियर हाईस्कूल में गणित और विज्ञान के 29825 शिक्षक-शिक्षिकाओं की भर्ती चल रही है लेकिन यह करीब एक वर्ष बीत जाने पर भी पूरी नहीं हुई है। वहीं बीटीसी-2011 बैच के अभ्यर्थी 15,000 पदों के लिए जारी होने वाले विज्ञापन को लेकर परेशान है कि शीघ्र भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हो और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो। साढ़े तीन लाख शिक्षामित्रों की नियुक्ति प्रदेश सरकार ने सहायक अध्यापक के पद पर जरूर कर दिया है लेकिन मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। इससे अनिश्चितता के बादल मडरा रहे है। 

परिषदीय विद्यालयों में 72825 शिक्षक-शिक्षिकाओं की भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2011 से लंबित है। इसमें अभ्यर्थी टीईटी मेरिट और शैक्षिक मेरिट से भर्ती से लेकर भिड़े हुए है। वहीं आये दिन कुछ न कुछ पेच बढ़ता ही जा रहा है। इससे भर्ती प्रक्रिया तो किसी तरह से घिसट-घिसट कर चल रही है लेकिन चयनित होने शिक्षक-शिक्षिकाओं के नियुक्ति पत्र दिये जाने पर रोक लगी हुई है। दो चरण की काउंसलिंग खत्म हो जाने के बावजूद अभी तक विज्ञापन की आधी सीटें भरी नहीं जा सकी है। इसकी तीसरी काउंसलिंग तीन नवंबर को होने जा रही है जिसकी कट आफ मेरिट एक नवंबर को सभी जिलों के बीएसए जारी करेंगे। 

जूनियर हाईस्कूल में गणित और विज्ञान के 29825 शिक्षकिशक्षिकाओं की काउंसलिंग चल रही है। चार काउंसलिंग खत्म हो चुकी है लेकिन अभी तक पांच हजार से ज्यादा सीटें रिक्त है। ऐसे में शासन पांचवीं काउंसलिंग 20 और 21 अक्टूबर को कराने जा रहा है। इसमें संभावना है कि अधिकतर सीटें भर जायेगी। अगर वैसे भी सीटें न भरी तो शासन आगे काउंसलिंग नहीं करायेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि शासन और शिक्षा विभाग धडल्ले से काउंसलिंग कराता जा रहा है लेकिन माननीय न्यायालय ने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिये जाने पर रोक लगा दिया है क्योंकि मामले का विवाद अभी न्यायालय में चल रहा है। इससे भी अभ्यर्थी परेशान है और वह आये दिन सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के कार्यालय का चक्कर लगाते रहते है लेकिन उनको राहत नहीं मिल रही है। 

शासन ने शिक्षामित्रों की नियुक्ति परिषदीय विद्यालयों में सहायक शिक्षकों के पद पर कर दिया है लेकिन मामला अभी इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राइट टू एजूकेशन के तहत जब बिना टीईटी के शिक्षकों की नियुक्ति परिषदीय विद्यालयों में नहीं हो सकती है तो इनकी नियुक्ति कैसे हो रही है। इसी प्रकार से अन्य बिन्दुओं पर विवाद चल रहा है जिसकी सुनवाई कोर्ट में हो रही है। करीब साढ़े तीन लाख शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति होनी थी उसमें से 58 हजार से ज्यादा शिक्षामित्र सहायक अध्यापक बन चुके है।

Thursday, October 16, 2014

शिक्षक भर्ती काउंसलिंग में नहीं जमा होंगे मूल प्रमाण पत्र

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक तथा उच्च प्राइमरी स्कूलों में 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को अब मूल प्रमाण पत्र जमा नहीं करने होंगे। अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान इसे दिखाना तो जरूर होगा, लेकिन राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित फोटोकॉपी ही जमा की जाएगी। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने गुरुवार को इस आशय का शासनादेश जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने यह शासनादेश हाईकोर्ट के आदेश पर जारी किया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में भर्ती के लिए बीएड पास अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे। कई अभ्यर्थियों ने प्राइमरी तथा उच्च प्राइमरी दोनों के लिए आवेदन कर रखा है या फिर कई-कई जिलों में आवेदन कर रखा है। मूल प्रमाण पत्र जमा करा लिए जाने से ऐसे अभ्यर्थी केवल एक ही जिले में काउंसलिंग करा पा रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया था कि काउंसलिंग के दौरान मूल प्रमाण पत्र जमा करने की अनिवार्यता समाप्त की जाए। हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया।
सचिव बेसिक शिक्षा ने इसके आधार पर शासनादेश जारी करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक को निर्देश दिया है कि काउंसलिंग के दौरान मूल प्रमाण पत्र न जमा कराए जाएं। नियुक्ति पत्र में उल्लेख किया जाए कि कार्यभार ग्रहण करते समय चयनितों को मूल प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा जिससे छायाप्रति का उससे मिलान किया जा सके।
60 जिलों का ब्यौरा एनआईसी को
प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद पात्र पाए गए अभ्यर्थियों का ब्यौरा 60 जिलों ने एससीईआरटी को भेज दिया है। एससीईआरटी ने इस ब्यौरे को नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर को दे दिया है। आगरा, औरैया, आजमगढ़, बदायूं, फीरोजाबाद, हरदोई, कुशीनगर, सहारनपुर, संभल, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर, सिद्धार्थनगर व उन्नाव समेत 15 जिलों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से ब्यौरा भेजने का निर्देश दिया गया है।

Tuesday, October 14, 2014

शिक्षक भर्ती मामला - 16 व 17 को डायट से वापस लें अभिलेख Allahabad

इलाहाबाद : अजीब विडंबना है एक काउंसिलिंग में अभ्यर्थी पहुंच नहीं रहे हैं तो दूसरी काउंसिलिंग में इतनी अधिक संख्या में अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं कि सीटें फुल हो गई हैं, बाकी को अभिलेख लौटाना पड़ रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान 182 अभ्यर्थियों को गुरुवार से अभिलेख लौटाना शुरू कर देगा। हम बात कर रहे हैं शिक्षक भर्ती की। जहां एक ओर जूनियर स्कूलों के लिए विज्ञान-गणित शिक्षकों की काउंसिलिंग में आवेदक ही नहीं पहुंच रहे हैं, वहीं प्राथमिक शिक्षकों की 72 हजार भर्ती में नौकरी पाने के लिए मारामारी मची है। प्राथमिक शिक्षकों की दूसरे चरण की काउंसिलिंग बीते 22 से 30 सितंबर तक चली थी। उसमें घोषित पदों के सापेक्ष दस गुना अभ्यर्थी बुलाए गए थे। अधिक संख्या में अभ्यर्थी बुलाने का परिणाम यह रहा कि बड़ी संख्या में युवा डायटों तक पहुंचे और काउंसिलिंग कराई। इससे यह स्थिति हो गई कि सीटों से अधिक लोगों की काउंसिलिंग हो गई। यह सूचना जब राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद को मिली तो पूरे प्रदेश को निर्देश जारी हुआ कि पदों से अधिक काउंसिलिंग कराने वाले युवाओं के मूल अभिलेख लौटाए जाएं। इसकी तिथि पहले 11 अक्टूबर तक तय थी, बाद में इसे बढ़ाकर 14 अक्टूबर किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य विनोद कृष्ण ने बताया कि 182 युवाओं को अभिलेख लौटाया जाएगा। इसमें कला, विज्ञान वर्ग के महिला व पुरुष शामिल है। यह जरूर है कि कला वर्ग में ज्यादा दावेदारी होने पर आवेदन लौटाने वालों का नाम जन्मतिथि के आधार पर तय किया गया है। उन्होंने बताया कि 16 एवं 17 अक्टूबर को अभिलेख दिए जाएंगे।

प्राथमिक वालों को जूनियर में भी मौका

इलाहाबाद : प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक बनने के लिए काउंसिलिंग कराने वालों की मन की मुराद पूरी हो गई है। ऐसे टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अब जूनियर स्कूल की काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका भी मिल गया है। यह आदेश शासन ने नहीं, बल्कि हाईकोर्ट ने दिया है। इससे अब 20 अक्टूबर से होने वाली पांचवीं काउंसिलिंग में अभ्यर्थी जूनियर में भी दावा ठोक सकेंगे। प्रदेश भर में इस समय प्राथमिक स्कूलों के लिए 72825 शिक्षकों की और जूनियर स्कूलों में विज्ञान-गणित के 29336 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जूनियर स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया पहले शुरू हुई लेकिन तीन अलग-अलग मामलों को लेकर भर्ती का परिणाम जारी होने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। जूनियर की भर्ती प्रक्रिया की काउंसिलिंग तिथि आदि घोषित करने की प्रणाली ऑफलाइन होने से अभ्यर्थी अपेक्षित संख्या में नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में जूनियर के अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट एवं लखनऊ बेंच में रिट दायर करके प्राथमिक स्कूल की काउंसिलिंग में शामिल होने देने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने अभिलेख की प्रमाणित छाया प्रति के आधार पर जूनियर के अभ्यर्थियों को प्राथमिक स्कूलों की काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका दिया था। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने जनपदों को आदेश भी जारी किया है। इस निर्णय के बाद से प्राथमिक में काउंसिलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों ने जूनियर की काउंसिलिंग में शामिल कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अनसुनी पर राजेश कुमार यादव व 12 अन्य ने हाईकोर्ट में न्यायाधीश भारती सप्रू की कोर्ट में रिट याचिका दायर की। सुनवाई के बाद मंगलवार को न्यायमूर्ति सप्रू ने आदेश दिया कि प्राथमिक विद्यालयों हेतु काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थी जूनियर की काउंसिलिंग में भी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए प्रमाणित अभिलेखों की फोटो कापी के साथ जाना होगा। इस आदेश से अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बीस अक्टूबर से विज्ञान-गणित शिक्षकों की पांचवें चरण की काउंसिलिंग होनी है। ऐसे में प्राथमिक के भी अभ्यर्थी अब काउंसिलिंग के लिए दावा ठोकेंगे।

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती- जिलों के पात्रों की सूची एनआईसी को -

  • सभी जिलों के पात्रों की सूची दो दिन में
 लखनऊ । राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद पात्र पाए गए 17 जिलों के अभ्यर्थियों की सूची नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) को दे दी है। शेष जिलों की सूची जिलों से दो दिन में मिलने के बाद दे दी जाएगी। पात्र मिले अभ्यर्थियों के नाम तीसरे चरण की काउंसलिंग से हटा दिए जाएंगे।
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में दूसरे चरण की काउंसलिंग समाप्त होने के बाद सभी जिलों से सूचना मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक 59 से 61 फीसदी के बीच पदों के भरे जाने की सूचना मिल रही है, लेकिन पात्रों की सूची दो दिन के अंदर आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कुल कितने पद भरे।
इन जिलों से मिली पात्रों की सूची
जालौन, झांसी, कौशांबी, महराजगंज, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रामपुर, अमरोहा, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, फैजाबाद व गोंडा से मिली पात्रों की सूची एनआईसी को दे दी गई है।

Monday, October 13, 2014

परिषदीय स्कूलों में 72825 शिक्षकों के 59 फीसद पद भरे -

लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में 72825 शिक्षकों की भर्ती में दूसरी काउंसिलिंग के बाद 67 जिलों में 59 फीसद पद भर गए हैं। वहीं इन जिलों में विशेष आरक्षित श्रेणी के तकरीबन 75 प्रतिशत पद अभी खाली हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) ने सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों से दूसरी काउंसिलिंग के बाद उपलब्ध पदों का ब्योरा तलब किया था। सोमवार शाम तक 67 जिलों ने इस बारे में सूचना भेज दी थी। इन जिलों से प्राप्त सूचना के आधार पर एससीइआरटी ने 57 जिलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है।

Saturday, October 11, 2014

अभ्‍यर्थी दोनों शिक्षक भर्ती में सम्‍ि‍मलित करने का निर्देश जारी -

  • मा0उच्‍च न्‍यायालय के आदेश पर जारी किया आदेश। 
  • दोनों शिक्षक भर्तीप्रक्रिया में सम्मिलित हो सकेगें अभ्‍यर्थी 
  • कम मेरिट वाले अभ्‍यर्थी निराश 
इलाहाबाद- बेसिक शिक्षा परिषद ने 29334 सहायक अध्‍यापकों की भर्ती के लिए मूल दस्‍तावेज जमा कर चुके अभ्‍यर्थियों को 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हो रही काउन्‍सलिंग में शामिल  करने का आदेश जारी कर दिये है। मंयक यादव बनाम प्रदेश सरकार के मामले में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन सभी योग्‍य अभ्‍यर्थियों को सत्‍यापित शैक्षिक अभिलेखों की फोटोकापी के आधार पर प्रशिक्षु शिक्षक चयन प्रक्रिया में सम्मिलित करने के आदेश दिये है, जिन्‍होने के विज्ञान/गणित के चयन में अपने मूल अभिलेख जमा कर दिये है। विज्ञान, गणित विषय के अध्‍यापकों की भर्ती के लिए काउन्‍सलिंग में मूल दस्‍तावेज जमा कर चुके अभ्‍यर्थियों को सरकार ने चयन में शामिल करने से इन्‍कार कर दिया था।





प्रशिक्षु शिक्षकों की तीसरी काउंसलिंग तीन नवंबर से

  • प्रशिक्षु शिक्षकों की तीसरी काउंसलिंग तीन नवंबर से
लखनऊ। प्राथमिक विद्यालयों में 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की तीसरी काउंसलिंग तीन नवंबर से 12 नवंबर के बीच होगी। इस बार 20 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। अभी तक दो चरणों की काउंसलिंग में 54 फीसदी सीटें ही भरी हैं।
प्रशिक्षु शिक्षकों के आवेदन के आधार पर की गई डाटा फीडिंग की त्रुटियों को 15 अक्तूबर से 21 अक्तूबर से बीच ऑनलाइन संशोधन किया जाएगा। इस संशोधन के बाद तीसरी काउंसलिंग की जाएगी। इस बार विशेष क्षैतिज आरक्षण वर्ग में 20 गुना अधिक अभ्यर्थी बुलाए जा रहे हैं। जबकि अन्य श्रेणियों में 10 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है।