इलाहाबाद : बीटीसी 2011 अभ्यर्थियों की तर्ज पर अब भाषा प्रशिक्षु भी आंदोलन की राह पर हैं। भाषा शिक्षक बनने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की मांग को लेकर बुधवार को प्रशिक्षुओं ने धरना-प्रदर्शन कर आमरण अनशन करने का अल्टीमेटम दिया है। भाषा प्रशिक्षुओं का कहना है कि बेसिक शिक्षा परिषद उच्च प्राथमिक स्कूलों में जिस तरह गणित-विज्ञान शिक्षकों की नियुक्ति कर रहा है उसी तरह भाषा एवं सामाजिक अध्ययन की सीधी भर्ती की जाए। यही नहीं शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हुए चार वर्ष बीत रहे हैं अब तक मानक पूरा करने के लिए भर्ती नहीं हुई है, जबकि कला वर्ग के प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की तीन बार टीईटी परीक्षा भी कराई जा चुकी है। बुधवार को प्रशिक्षुओं ने शिक्षा निदेशालय में धरना दिया। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने आश्वस्त किया कि उनकी बात शासन तक पहुंचाएंगे इस वादे के बाद भी अभ्यर्थी धरने पर डटे रहे। तब पुलिस के अफसरों ने अभ्यर्थियों से कहा कि उनकी बात जब सुनी जा रही है तो आंदोलन नहीं करना चाहिए। यदि आमरण अनशन करना है तो डीएम का आदेश लेकर आएं। कुछ अभ्यर्थियों ने इस प्रकरण को हाईकोर्ट ले जाने के लिए धन देकर मदद की। अभ्यर्थियों ने अफसरों को अल्टीमेटम दिया है कि दस दिसंबर तक भर्ती का विज्ञापन न निकाला गया तो आमरण अनशन करेंगे। धरने में अमित यादव, सुनील शुक्ला, वीपी सिंह, प्रतिमा यादव, विकास यादव आदि मौजूद थे।
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Thursday, December 4, 2014
Wednesday, November 12, 2014
शून्य नहीं होगा बीएड का अगला शैक्षिक सत्र एनसीटीई ने दिए संकेत, बीटीसी की पढ़ाई भी जारी रहेगी
- बीएड, एमएड की पढ़ाई दो साल की होगी
- सरकार की ओर से जूनियर स्तर के स्कूलों में नियुक्ति और चयन के लिए कोई नियम नहीं
कानपुर। बीएड 2015-16 का शैक्षिक सत्र शून्य नहीं होगा। इसके संकेत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने दे दिए हैं। एनसीटीई के एक अफसर ने कहा है कि बीएड की एडमिशन प्रक्रिया जारी रहेगी। इस पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जाएगी। इससे संबंधित सर्कुलर 29 नवंबर तक जारी किया जा सकता है। बीटीसी की पढ़ाई खत्म करने का प्रस्ताव भी टल गया है।
एनसीटीई ने बीएड का शैक्षिक सत्र 2015-16 को शून्य करने का ऐलान किया था। साथ ही कहा था कि बीटीसी की पढ़ाई भी खत्म होगी। इसकी जगह बीएलएड का नया कोर्स लांच किया जाएगा। इसका जबरदस्त विरोध हुआ। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी और संयोजक डॉ. बृजेश भदौरिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और एनसीटीई के चेयरमैन से मुलाकात भी की थी। इन सभी ने कहा था कि सत्र शून्य हुआ तो बीएड के तमाम कॉलेज बंद हो जाएंगे।
Monday, October 20, 2014
बीएड का रिजल्ट जारी, आज से मिलेंगे अंकपत्र
करीब पांच सौ विद्यार्थियों का परिणाम रोका गया
जागरण संवाददाता, लखनऊ : आखिरकार चार महीने के इंतजार के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय और संबंधित डिग्री कालेजों का बीएड का परिणाम जारी कर दिया गया। हालांकि करीब पांच सौ ऐसे विद्यार्थियों का परिणाम रोक दिया गया है जिनका दाखिला सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तारीख के बाद किया गया है। परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय और इससे संबंधित 40 कालेजों का परिणाम जारी कर दिया गया है और विद्यार्थी मंगलवार से अपनी मार्कशीट ले सकते हैं। बीएड की परीक्षा मई में खत्म हुई थी और पिछले कई दिनों से विद्यार्थी परिणाम निकलने में हो रहे विलंब से परेशान थे। माना जा रहा है कि करीब पांच सौ छात्रों का परिणाम रोका गया है। दरअसल हाईकोर्ट ने 2013-14 के बीएड दाखिलों के लिए आदेश दिया था कि सितंबर के मध्य तक सभी कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कॉलेजों ने निर्धारित तारीख निकलने के बावजूद दाखिले किए। मामला सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा है इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 40 कॉलेजों के करीब चार हजार विद्यार्थियों के परिणाम तो जारी कर दिया लेकिन सितंबर के बाद दाखिला लेने वालों को अभी इंतजार करना होगा।
Monday, October 13, 2014
बीएड की दूसरी काउंसलिंग में भी हो रहा फर्जीवाड़ा -
बरेली : बुंदेलखंड विश्वविद्यालय बीएड की दूसरी काउंसलिंग में भी दलालों का खेल नहीं रोक पाया। दर्जनों अभ्यर्थियों के पासवर्ड हैक करके कॉलेज लॉक कर दिए। न काउंसलिंग केंद्रों ने इनकी सहायता की और न ही बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की ओर से हैकिंग रोकने का कोई पुख्ता इंतजाम किए गए। नजीता यह हुआ कि सैकड़ों अभ्यर्थियों को मनचाहा कॉलेज लॉक करने को ही नहीं मिला। हैकिंग का शिकार हुए दर्जनों अभ्यर्थियों ने केसीएमटी काउंसलिंग केंद्र पर हंगामा किया, लेकिन उनको कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला। शाहजहांपुर के मंजीत प्रकाश और अनुज कुमार के अनुसार नौ अक्टूबर को उनकी काउंसलिंग हुई थी। कुछ देर बाद की उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके कॉलेज लॉक किए जा चुके हैं। पासवर्ड मिलने से पहले ही उनके कॉलेज लॉक कर दिए गए। दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने जानकारी दलालों को लीक करने का आरोप लगाया।
दूसरी काउंसिलिंग के बाद भी 30 हजार सीटें खाली
लखनऊ : सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से सत्र 2014-15 में दाखिले के लिए करायी गई दूसरी काउंसिलिंग के बाद भी बीएड की तकरीबन 30 हजार सीटें खाली रह गई हैं। खाली सीटों की संख्या बढ़ भी सकती है। बेरोजगारी की बड़ी फौज के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में बीएड की सीटें खाली रह जाना इस बात का संकेत है कि रोजी के बाजार में बीएड का भाव गिरा है। बीएड की सीटें खाली रह जाने से सौ कालेजों के सामने बंद होने का संकट खड़ा हो गया है। 1प्रदेश में बीएड की 138230 सीटें हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने बीती 20 मई को संयुक्त प्रवेश परीक्षा करायी थी। 234674 छात्रों ने आवेदन किया था जिनमें से 214103 इम्तिहान में बैठे। चार जून को परीक्षाफल घोषित करने के बाद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने सात जून से दो जुलाई तक पहली काउंसिलिंग करायी, जिसमें 170000 अभ्यर्थियों को बुलाया गया। 66320 अभ्यर्थियों को कालेज आवंटित कर दिये गए जबकि आधे से ज्यादा यानी 71910 सीटें खाली रह गईं। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने पर पांच से दस अक्टूबर तक दूसरी काउंसिलिंग करायी गई।1बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अखिलेश चंद्र के मुताबिक दूसरी काउंसिलिंग के बाद भी बीएड की तकरीबन 30 हजार सीटें खाली रह गई हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने पर यह संख्या बढ़ भी सकती है। उप्र स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी के मुताबिक बीएड की ओर छात्रों के रुझान में आई इस कमी के चलते मौजूदा सत्र में 100 कालेजों के सामने बंदी का संकट पैदा हो गया है। पहले बीएड करना परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक की नौकरी पाने का आसान तरीका था। जबसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सिर्फ बीटीसी को मान्य कर दिया तब से बीएड का क्रेज काफी कम हो गया है।
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