Saturday, November 29, 2014

विवि के 111 कॉलेजों की संबद्धता पर लगी मुहर

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को 111 कॉलेजों की संबद्धता पर मुहर लगा दी है। साथ ही 180 दिन की पढ़ाई पूरी कराने के बाद परीक्षा कराने का ऐलान किया है। जिन कॉलेजों को संबद्धता मिली है, उनके 30 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स के एग्जाम 2 मार्च 2015 से प्रस्तावित रेग्युलर एग्जाम के साथ नहीं कराए जाएंगे। संबंधित स्टूडेंट्स के एग्जाम मई या जून 2015 तक होंगे।
यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग शुक्रवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने की। मीटिंग में 106 नए, पुराने डिग्री कॉलेजों और उनके कोर्स की संबद्धता का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर चर्चा के बाद एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने मुहर लगा दी। काउंसिल ने कहा कि जिन कॉलेजों को संबद्धता मिली है। उन्हें एडमिशन और एग्जाम फार्म भरने का मौका मिलेगा। जब 180 दिन की पढ़ाई पूरी हो जाएगी।
 180 दिन पढ़ाई के बाद होंगे एग्जाम
2 मार्च से प्रस्तावित रेग्युलर एग्जाम के साथ पेपर नहीं दे सकेंगे
30 हजार स्टूडेंट्स
संबंधित स्टूडेंट्स के एग्जाम मई या जून तक होंगे

छात्र संख्या से ज्यादा नहीं मिलेंगी कापियां

लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा में धांधली कर कापियां न लिखाई जा सकें इसके लिए निर्धारित छात्र संख्या के आधार पर हीं केंद्रों को कापियां दी जाएंगी। हाईस्कूल प्रति छात्र 6 व इंटर में 10 कापियों की संख्या तय की गई है। इसमें ए और बी दोनों कापियां शामिल करते हुए केंद्रों को इसी आधार पर परीक्षार्थियों की संख्या पर कापियां दी जाएंगी। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रभा त्रिपाठी ने इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्ष की परीक्षा में छात्र संख्या से अधिक कापियां दे दी गई थीं, जिससे परिषद को राजस्व का नुकसान हुआ था।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 19 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसके लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। केंद्र निर्धारण के साथ ही जिलों को कापियां भेजने का क्रम शुरू कर दिया जाएगा। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने डीआईओएस को भेजे निर्देश में कहा है कि 15 दिसंबर तक जिलों को हरहाल में सभी कापियां पहुंचा दी जाएंगी। जिलों में राजकीय इंटर कॉलेजों में इन्हें रखने की व्यवस्था होगी। इन्हें रखने और भेजने की रजिस्टर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि किसी भी स्थिति में पंजीकृत परीक्षार्थियों से अधिक कापी नहीं दी जाएगी। राजकीय मुद्रणालय से परीक्षा केंद्रों को सीधे कापियां केंद्रों को नहीं दी जाएंगी। परीक्षा शुरू होने से पूर्व केंद्रों पर 50 प्रतिशत अनिवार्य रूप से कापियां पहुंचा दी जाएंगी। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि छात्र संख्या से अधिक कापियां केंद्रों पर पहुंचा दी जाती और बाद में इसे वापस मंगाया जाता है।