आइसीटी योजना के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों में दे रहे प्रशिक्षण
चार हजार माध्यमिक विद्यालयों में चल रही योजना
लखनऊ : माध्यमिक विद्यालयों में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के आंदोलन को दबाने हेतु पुलिस द्वारा महिलाओं पर किया गया बर्बर लाठीचार्ज निंदनीय है। लाठीचार्ज का आदेश देने वाले पुलिस अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ठकुराई ने कहा है कि अपनी जायज मांगों को लोकतंत्र में सरकार के समक्ष रखने और उसे पूरा कराने हेतु धरना प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार का हनन कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठकुराई ने कहा है कि पहले से कार्यरत सभी संविदा कंप्यूटर शिक्षकों को समायोजित किया जाना चाहिए उसके बाद शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति हो। ठकुराई ने लक्ष्मण मेला पार्क पहुंचकर कंप्यूटर शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिदा पवार को भरोसा दिलाया कि शिक्षक संघ उनके हितों की पूरी रक्षा करेगा और शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा सचिव से वार्ता कर समाधान का उचित रास्ता निकालने की पूरी कोशिश करेगा। ठकुराई के साथ लक्ष्मण मेला पार्क पहुंचने वालों में श्री सत्यप्रकाश सिंह, तारकेश्वर सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम एवं गौरव कौशिक प्रमुख शिक्षक नेता रहे। सभी ने शिक्षकों पर लाठीचार्ज की निंदा की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
समायोजन की मांग
लखनऊ : सोमवार को कर रहे कंप्यूटर अनुदेशकों की पिटाई के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं वहीं शिक्षक संघों ने कंप्यूटर अनुदेशकों की कंप्यूटर शिक्षक पदों पर की है। सूबे के चार हजार माध्यमिक विद्यालयों में केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित आइसीटी योजना के अंतर्गत कक्षा छह से 12 तक के छात्रों को निश्शुल्क कंप्यूटर शिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिले में ही करीब अस्सी विद्यालयों में यह योजना संचालित की जा रही है। 1दरअसल पहले चरण में ढाई हजार माध्यमिक विद्यालयों में पांच वर्ष पूरे होने पर गत 30 जून से योजना बंद हो चुकी है और उनमें कार्यरत 1401 कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। 1099 विद्यालयों में आगामी 30 नवंबर को पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के कारण योजना बंद हो जाएगी जिससे उन कॉलेजों में तैनात कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवाए समाप्त हो जाएगी। 1500 विद्यालयों में 2016 में योजना बंद हो जाएगी तथा उनमें कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों की सेवाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी। इस तरह योजना बंद होने के साथ ही चार हजार माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर अनुदेशक बेरोजगार हो जाएंगे। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र का कहना है कि कंप्यूटर अनुदेशकों को समायोजित नहीं किया गया तो इन 4000 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षण बंद हो जाएगा और शिक्षक भी बेरोजगार हो जाएंगें। दो करोड़ से अधिक छात्र कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास जा रहे कंप्यूटर अनुदेशकों की पिटाई से शिक्षकों में आक्रोश है। पुलिस ने जिस तरह महिलाओं को भी नहीं बख्शा उससे काफी नाराजगी है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश शुक्ल और मंत्री इंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही कंप्यूटर शिक्षक के पद पर समायोजित किए जाने तक उन्हें 3248 अथवा 4040 रूपये के स्थान पर 10,000 रुपये मासिक मानदेय का भुगतान किए जाने की मांग भी की है।
No comments:
Post a Comment