Wednesday, October 1, 2014

बालिकाओं को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग का रास्ता साफ -

  • सीएम की मंजूरी के बाद शासनादेश जारी

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश के राजकीय और अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटे की ट्रेनिंग दिलाने का रास्ता साफ हो गया है। शैक्षिक सत्र 2014-15 के दौरान प्रदेश में 90 हजार बालिकाओं को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस बारे में माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है। 1महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि माध्यमिक विद्यालयों की बालिकाओं को मार्शल आर्ट (जूडो-कराटे) की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी के तहत हर मंडल के छह राजकीय और अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। बालिकाओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने के लिए उप्र जूडो फेडरेशन के महासचिव मुनव्वर अंजार को सलाहकार बनाया गया है। बालिकाओं को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग देने के लिए कोच नियुक्त किए जाएंगे जो राज्य या राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होंगे। यह कोच राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात व्यायाम शिक्षिकाओं को भी जूडो-कराटे की ट्रेनिंग देंगे। हर कोच को साल में दस महीने 10000 रुपये प्रत्येक माह की दर से मानदेय दिया जाएगा। वर्ष 2014-14 के दौरान इस योजना पर 25 लाख रुपये खर्च आएगा।

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