Saturday, October 11, 2014

शिक्षक बच्चों पर बनाते हैं कोचिंग पढ़ने का दबाव

  • फेल करने की धमकी देकर दाखिला लेने को करते हैं मजबूर
  • ‘अमर उजाला’ की सरकारी स्कूलों में कोचिंग के खिलाफ मुहिम का असर
  • कोचिंग वाले स्कूलों को भेजा नोटिस
इलाहाबाद। सरकारी एवं वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों मे पढ़ाने वाले शिक्षक छात्र-छात्राओं को अपनी कोचिंग में पढ़ने के लिए मजबूर करते हैं। कोचिंग में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं पर मनमाने प्रकाशकों की किताबें थोप देते हैं। जो छात्र शिक्षकों की कोचिंग में दाखिला नहीं लेते उनको स्कूल में फेल करने की धमकी दी जाती है। ये बातें छात्रों ने प्रधानाचार्यों से कहीं। ‘अमर उजाला’ में सरकारी स्कूलों में कोचिंग चलाने के खिलाफ खबरें प्रकाशित होने के बाद छात्रों ने प्रधानाचार्यों से लिखित में कोचिंग चलाने वाले सरकारी शिक्षकों की शिकायत की और आरोप लगाए।
‘अमर उजाला’ की मुहिम से शिक्षण संस्थानों में खलबली मची हुई है। कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक, अपने ही विद्यालय में अलग-थलग दिखाई पड़ रहे हैं। विद्यालयों में कोचिंग नहीं पढ़ाने वाले शिक्षक ‘अमर उजाला’ के अभियान को सराह रहे हैं और प्रकाशित खबरों को कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों के बीच चटखारे लेकर पढ़ रहे हैं। ‘अमर उजाला’ की पहल के बाद स्कूलों में कोचिंग चलाने वाले शिक्षकों पर नैतिक दबाव बन रहा है कि वे अपनी कक्षाओं में छात्रों को पढ़ाएं। कक्षा में नहीं पढ़ाने और दिन भर कोचिंग में बैठने वाले शिक्षक अब स्कूल छूटने के समय तक दिखाई पड़ रहे हैं।
कुछ प्रधानाचार्यों ने बताया कि उनके स्कूल के छात्रों ने लिखकर दिया है कि किस विषय के शिक्षक उन पर कोचिंग पढ़ने को दबाव बना रहे हैं। कुछ प्रधानाचार्यों ने ‘अमर उजाला’ को ऐसे शिक्षकों के बारे में छात्रों के लिखे पत्र दिखाकर बताया कि किस प्रकार से कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक दबाव बनाकर छात्रों को परेशान करते हैं। ‘अमर उजाला’ ने गत दिनों खबरों में जिन कोचिंग चलाने वाले शिक्षकों के बारे में जानकारी दी थी, उनके बारे में अधिकांश छात्रों ने इस प्रकार के पत्र लिखकर प्रधानाचार्यों को दिए हैं। आरोप है कि कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक छात्रों को अपने विषय के साथ प्रैक्टिकल में फेल करने की धमकी देते हैं। कई स्कूलों में छात्रों ने ऐसे शिक्षकों की शिकायत प्रधानाचार्यों से की है। रमादेवी बालिका इंटर कॉलेज की अंग्रेजी विषय की शिक्षिका रेखा श्रीवास्तव अपने घर में खुलेआम छात्राओं को बुलाकर कोचिंग पढ़ाती हैं। इसी प्रकार डीएवी इंटर कॉलेज के गणित के शिक्षक वीपी सिन्हा अपने मकान में कोचिंग चला ही रहे हैं, साथ ही कुछ शिक्षाधिकारियों के यहां ट्यूशन पढ़ाने भी जाते हैं।

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