Friday, October 10, 2014

दो भर्तियों में काउंसिलिंग से रोके जाने की मांग

  • टीईटी संघर्ष मोर्चा के छात्रों ने सौंपा ज्ञापन

इलाहाबाद : हाईकोर्ट ने विज्ञान-गणित की काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षकों की काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका दिया है। पहले युवाओं ने इस पर खुशी जताई, लेकिन अब इसका विरोध शुरू हो गया है। अभ्यर्थियों ने सचिव को ज्ञापन देकर मांग की है कि साथियों को दो भर्तियों की काउंसिलिंग में शामिल होने से रोका जाए। वरना कोई प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। टीईटी संघर्ष मोर्चा के सच्चिदानंद, देवेश, महेंद्र दुबे आदि ने गुरुवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उच्च प्राथमिक स्कूलों में काउंसिलिंग करा चुके साथियों को 72825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से रोका जाए। इनका कहना था कि दोनों भर्तियों में चयन हो जाने पर भी हर अभ्यर्थी को मौका एक ही जगह मिलेगा। इससे अनायास प्रक्रिया में विलंब होगा और दोनों भर्तियां पूरी नहीं हो पाएगी। जिससे स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित होगा एवं युवाओं को मौका न मिलने से उनमें हताशा आएगी। सचिव सिन्हा ने कहा कि उचित मौके पर निर्णय देंगे। 
काउंसिलिंग नहीं करा रहे अफसर 
इलाहाबाद : वाराणसी से आये युवाओं ने सचिव से शिकायत की है कि विज्ञान-गणित के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग डायट में नहीं होने दी जा रही है। ऐसे में तमाम अभ्यर्थी प्राथमिक स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस पर सचिव ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जनपदों को निर्देश भेज दिया गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में युवा मामलों को लेकर आये थे। 
किताबों के लिए किया प्रदर्शन:
इविवि के छात्रों ने लाइब्रेरी से किताबें निर्गत कराने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों कहना था कि विवि प्रशासन छात्रों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। न तो उन्हें विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी से किताबें दी जा रही है और न ही छात्रवास में छात्रों के लिए मूल सुविधाएं हैं। छात्रों ने इस दौरान कई मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा। सुरजीत भरमौरी, सतीश मिश्र, विवेकानंद पाठक, विजय मिश्र, विकास तिवारी, अविनाश दुबे आदि रहे।

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