Tuesday, October 14, 2014

अब सीबीएसई की तर्ज पर यूपी बोर्ड के स्कूलों का सत्र

  • अप्रैल से शुरू होगा सत्र, पढ़ाई सुबह 8.50 से
लखनऊ। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित होने वाले विद्यालयों का नया सत्र अब सीबीएसई की तर्ज पर अप्रैल से शुरू होगा। राजकीय शिक्षकों को एश्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन (एसीपी) का लाभ मिलेगा। स्कूलों के खुलने का समय सुबह 9.50 की जगह 8.50 किया जाएगा। ये अहम घोषणाएं माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने मंगलवार को उप्र राजकीय शिक्षक संघ के 63वें प्रांतीय सम्मेलन में कीं। एसीपी से प्रदेश के 10 हजार से अधिक शिक्षकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा, किसी भी हाल में परीक्षा में नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एक माह के अंदर ही 10 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने की बात कही।
इससे पहले मुख्य अतिथि मंत्री महबूब अली ने राजकीय इंटर कॉलेज में प्रांतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आने वाले सत्र से माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित सभी विद्यालयों में सीबीएसई की तरह ही अप्रैल से कक्षाएं शुरू होंगी। इससे सत्र नियमित रहेगा और शिक्षा प्रणाली में सुधार आएगा। वर्तमान में परिषद के विद्यालयों में कक्षाएं सुबह 9.50 से शाम 3.50 बजे तक लगती हैं। कक्षाएं देर से समाप्त होने पर सबसे अधिक समस्या दूर-दराज की छात्राओं को होती है। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी सुरक्षा के लिहाज से। मंत्री ने कहा, अब कक्षाएं सुबह 8.50 बजे शुरू होकर दोपहर 2.50 बजे खत्म होंगी। सभी विद्यालयों में दो पाली की व्यवस्था नहीं की जाएगी। जहां जरूरत है केवल वहीं दो पालियों में पढ़ाई होगी।
मंत्री से विसंगितयों में सुधार की फरियाद
राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगें मंत्री के सामने रखीं। प्रांतीय महामंत्री छाया शुक्ला ने कहा कि जहां काम लेने की बात आती है तो राजकीय शिक्षकों को राज्य कर्मचारी माना जाता है और लाभ की बात होने पर उन्हें शिक्षक कहा जाता है। इसी वजह से राजकीय शिक्षकों की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। उपाध्यक्ष पारस नाथ पांडेय ने संघ की ओर से मांगपत्र सौंपते हुए कहा, असल में ये मांगें नहीं बल्कि कुछ विसंगतियां हैं जिनमें सुधार की जरूरत है। उन्होंने राज्य कर्मचारियों की तरह 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी का लाभ देने, माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्य पदों पर तत्काल डीपीसी कराते हुए रिक्त पदों को भरने, अप्रैल 2005 के बाद के शिक्षकों को पुरानी पेंशन नीति का लाभ देने, राजकीय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 साल करने जैसी कुल 11 मांगें रखीं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उप्र के अध्यक्ष एसपी तिवारी ने कहा, राजकीय शिक्षकों की स्थिति ऐसी है कि उनको खुद नहीं पता कि वे क्या हैं। उन्हें या तो राज्य कर्मचारी माना जाए या माध्यमिक शिक्षक।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने की शिक्षकों को एसीपी देने की घोषणा
शिक्षकों को दिखाया आईना
शिक्षकों को तोहफा देने के साथ ही मंत्री ने उन्हें वर्तमान शिक्षा व्यवस्था का आईना भी दिखाया। उन्होंने सभी शिक्षकों व प्रधानाचार्यों से पूछा, पिछले पांच साल में प्रदेश भर के राजकीय कॉलेजों से कितने बच्चे आईआईटी में चयनित हुए। कितने बच्चे प्रशासनिक परीक्षाओं में सफल हुए। उनकी इस बात पर सभी लोग चुप रहे। मंत्री ने कहा कि वह शिक्षकों की सभी उचित मांगों को पूरा करेंगे लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह जानते हैं कि मेरिट कैसे तैयार होती है। उन्होंने परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने व शिक्षकों से व्यवस्था में सुधार को कहा।
शिक्षक इंटरनेट से करें खुद को अपडेट संयुक्त शिक्षा निदेशक सुत्ता सिंह ने कहा कि भले ही राजकीयशिक्षकों को प्रशिक्षण न मिल पाता हो, आपके यहां प्राइवेट स्कूलों की तरह स्मार्ट क्लासरूम व अन्य संसाधनों की कमी हो, फिर भी यह आपकी जिम्मेदारी है कि उपलब्ध संसाधनों में ही अपना बेहतर देते हुए शिक्षा में सुधार करें। उन्होंने इसके लिए आईटी फ्रेंडली होकर इंटरनेट का प्रयोग करके खुद को अपडेट करने की बात कही। सम्मेलन में राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज के प्रधानाचार्य बीएन खरे, राजकीय इंटर कॉलेज हुसैनाबाद के प्रधानाचार्य सीबी शुक्ला, कार्यक्रम के संयोजक एमएल दक्ष, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इंदिरानगर की प्रधानाचार्या साधना कुमार उपस्थित रहे।
आईटी की भी होगी पढ़ाई
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की नवगठित बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में बोर्ड की गतिविधियों के संचालन के लिए पांच उप समितियों का गठन करने के साथ नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा की पढ़ाई कराने का फैसला किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी को अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक विषय के तौर पर रखा जाएगा। पहली बैठक की अध्यक्षता माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभापति एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा अवध नरेश शर्मा ने की।

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