- ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र होंगे दूसरे स्थानों पर होंगे शिफ्ट
- प्रमुख सचिव ने सभी डीएम को दिये निर्देश
प्रदेश में ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन नहीं हैं। ऐसे में अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यलायों में चल रहे हैं। हालात यह है कि कुछ प्राथमिक विद्यालयों में चार-चार, पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इस कारण आंगनबाड़ी केंद्र ठीक ढंग से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। कई-कई आंगनबाड़ी केंद्र एक ही स्कूल में चलने के कारण वहां पर जगह की भी कमी हो जाती है। इस कारण बच्चे भी वहां नहीं पहुंचते हैं।
प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग सदाकांत ने ऐसे प्राथमिक विद्यालयों से आंगनबाड़ी केंद्र दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक विद्यालय में अधिकतम दो से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र अब संचालित नहीं किये जाएंगे। उन्होंने डीएम से आंगनबाड़ी केंद्र दूसरे सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने के लिए कहा है।
प्रदेश में करीब 100 आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्त्रियों के घर पर चल रहे हैं। इन केंद्रों को भी दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने के लिए कहा गया है। प्रमुख सचिव ने कहा कि जहां सरकारी भवन नहीं मिल पा रहे हैं वहां किराये के भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र चलाये जाएं। सरकार शहरी क्षेत्रों में तीन हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्रों में 750 रुपये प्रति माह किराया भी प्रदान करती है।
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