Monday, October 13, 2014

मिड डे मील बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे प्रधानाचार्य

इलाहाबाद (ब्यूरो)। इंटर कालेजों में मध्याह्न भोजन बनाने की अनिवार्यता के खिलाफ प्रधानाचार्य परिषद ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। परिषद का कहना है कि प्रदेश सरकार ने इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों को माध्यम भोजन बनवाने की जिम्मेदारी सौंपी है जो अव्यवहारिक निर्णय है। शिक्षकों का काम पढ़ाना है न कि भोजन बनवाना। इससे शिक्षण कार्य में बाधा पहुंचेगी।
परिषद के वकील अनुराग खन्ना ने कई व्यवहारिक कठिनाईयों का भी हवाला दिया। कहा कि कालेजों में रसोई घर नहीं है। खाना बनाने के लिए रसाईये भी नहीं मिल रहे हैं क्योंकि सरकार ने बेहद कम मानदेय निर्धारित किया है। अन्य जिलों में एनजीओ खाना सप्लाई कर रहे हैं। यहां भी एनजीओ के जरिए ही मध्याह्न भोजन वितरित कराया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने इसका जबरदस्त विरोध किया।

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