सेवानिवृत्त शिक्षक से जीपीएफ तथा पेंशन के भुगतान को मांगे थे 80 हजार
शिकायत पर विजीलेंस ने बिछाया था जाल,
50 हजार रुपये लेते ही गिरफ्तार
आगरा: ईमानदारी की शिक्षा में वह सबसे आगे लेकिन बेईमानी में आकंठ डूबे हुए। यह हैं वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा राकेश चंद्र मौर्या। उन्हें गुरुवार को विजीलेंस ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्ट अधिकारी का यह हाल सामने आया है कि वह तीस हजार रुपये रिश्वत लेने के बावजूद सेवानिवृत्त शिक्षक के जनरल प्रॉविडेंट फंड (जीपीएफ) और पेंशन का भुगतान नहीं कर रहे थे। अब उन्होंने 50 हजार रुपये और मांगे थे। 1ब्लॉक बरौली अहीर के कछपुरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक नारायण सिंह इसी वर्ष 30 जून को सेवानिवृत्त हुए। उनके जीपीएफ के करीब आठ लाख रुपयों के अलावा पेंशन के कागजात तीन महीने से वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा कार्यालय में अटके हुए थे। रुपये की जरूरत थी तो उन्होंने बहुत चक्कर काटे लेकिन भ्रष्टाचार के अड्डे बेसिक शिक्षा विभाग में कोई काम बिना रिश्वत के कहां आसानी से होता है।1 शिक्षक ने दो महीने पहले मूलरूप से ज्ञानपुर, भदोही निवासी लेखाधिकारी राकेश चंद्र मौर्या से संपर्क किया, तो उन्होंने 80 हजार रुपये रिश्वत मांगी। शिक्षक ने एक माह पहले 30 हजार रुपये दे दिए, बाकी रकम फंड मिलने के बाद देने की बात हुई। राकेश चंद्र मौर्या ने पूरी रकम का भुगतान किए बिना पेंशन तथा फंड को देने से इंकार कर दिया। एक महीने तक चक्कर काटने के बाद भी भुगतान न होने पर शिक्षक ने दो सप्ताह पूर्व विजीलेंस में शिकायत की। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद विजीलेंस टीम ने भ्रष्ट अधिकारी को गिरफ्तार करने का जाल बुना। गुरुवार दोपहर लगभग तीन बजे शिक्षक नारायण सिंह विजीलेंस के हस्ताक्षर युक्त नोटों की गड्डी लेकर मौर्या के कार्यालय पहुंचे। विजीलेंस अधिकारियों की टीम एक घंटे पहले ही परिसर में डेरा डाल चुकी थी। रिश्वत के पचास हजार रुपये हाथ में लेने के बाद मौर्या ने जैसे ही जेब में रखे, विजीलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजीलेंस कार्यालय लाने के बाद शाहगंज थाने की हवालात में भेज दिया गया। प्रभारी एसपी विजीलेंस डॉ. राम सुरेश यादव ने बताया कि राकेश चंद्र मौर्या के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी अधिकारी को शुक्रवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजीलेंस टीम में इंस्पेक्टर अभय सिंह, बलधारी सिंह, अवधेश कुमार शामिल रहे।

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