जेल भरो आंदोलन करेंगे माध्यमिक शिक्षक
26 अक्टूबर को रणनीति तय करेगा शिक्षक संघ
लखनऊ : लंबित मांगों की लगातार अनदेखी से नाराज उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने सरकार के रवैये के खिलाफ प्रदेशव्यापी जेल भरो आंदोलन करने का फैसला किया है। जेल भरो आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 26 अक्टूबर को शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय में धरना देते हुए शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने इसका एलान किया। शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक विधायक और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य बुधवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय में सत्याग्रह कर गिरफ्तारियां देंगे।1दिन भर चले धरने को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि पिछले साल 23 दिसंबर को शिक्षक प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री संघ की मांगों से सहमत हुए थे। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार को अंतिम चेतावनी देने के लिए यह धरना आयोजित किया गया है। तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण तथा सीटी संवर्ग को एलटी संवर्ग में मिलाने के बाद चयन वेतनमान के लिए सीटी सेवाओं का लाभ दिया जाना सरकार की हठधर्मिता के कारण संभव नहीं हो पा रहा है। माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी, हेम सिंह पुंडीर और जगवीर किशोर जैन ने कहा कि सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 35 फीसद पद रिक्त हैं। पहली अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पेंशन का लाभ अभी तक नहीं दिया जा सका है। धरने के बाद शिक्ष संघ अध्यक्ष ने सीएम को भेजने के लिए 20 सूत्री मांगपत्र माध्यमिक शिक्षा निदेशक अवध नरेश शर्मा को सौंपा।
संस्कृत शिक्षकों का आमरण अनशन सात से :
अशासकीय मान्यताप्राप्त संस्कृत विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल किये जाने की मांग को लेकर संस्कृत शिक्षकों ने सात से 12 अक्टूबर तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के शिविर कार्यालय में आमरण अनशन करने का फैसला किया है। उप्र संस्कृत शिक्षक, छात्र एवं सामाजिक सेवा शिक्षण समिति के महामंत्री परमानंद पांडेय ने कहा कि यदि शासन ने छह अक्टूबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक नहीं बुलाई तो मजबूर होकर संस्कृत शिक्षक आमरण अनशन करेंगे।

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