परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन ठप करने की चेतावनी
बोले एनएसयूआइ के प्रदेश प्रभारी
फर्जी स्कूलों के खिलाफ तेज होगी मुहिम
इलाहाबाद : परिषदीय विद्यालयों में व्याप्त अनियमितता पर बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा की जा रही कार्रवाई का शिक्षकों ने विरोध किया है। उन्होंने बीएसए पर शिक्षकों का पक्ष जाने बिना एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। चेतावनी देते कहा कि बीएसए ने अपनी कार्यप्रणाली न बदली तो वे पठन-पाठन ठप करके आंदोलन शुरू कर देंगे। बुधवार को आजाद पार्क में आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की सभा हुई, जिलाध्यक्ष नागेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारी मनमानी कार्रवाई करके शिक्षकों को प्रताड़ित करने के लिए उन्हें बिना किसी गलती के सजा दे रहे हैं। कहा कि बेसिक शिक्षाधिकारीशिक्षकों का पक्ष सुने बिन लगातार व एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं। मिड डे मील एवं परिसर की सफाई जैसे मुद्दे पर शिक्षकों को निलंबित किया जा रहा है, जो उनका काम ही नहीं है। भूपेंद्र सिंह ने शिक्षकों को दंडित किए जाने से पहले एक जांच समिति का गठन करने की मांग उठाई। उन्होंने लंबित पदोन्नति एवं पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। सभा में भारत भूषण त्रिपाठी, मुनीश मिश्र, मनोज श्रीवास्तव, राकेश मिश्र, गिरीश कुमार रंजन, डॉ. एसपी सिंह, राजकुमार शुक्ल, डॉ. गीतारंजन ने विचार व्यक्त किए।जासं, इलाहाबाद : भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) से जुड़े छात्रों को निर्देश दिया गया है कि नवंबर में छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए अभी से संगठन के विस्तार में जुट जाएं। बुधवार को एनएसयूआइ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की विवि छात्रसंघ भवन में हुई बैठक में राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रभारी सुरजीत भरमोरी ने कहा कि संगठन व विचारधारा से जुड़े छात्रों को ही टिकट दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष सतीश मिश्र व राष्ट्रीय प्रतिनिधि शीतल मिश्र ने कहा कि एनएसयूआइ हमेशा छात्रहित के मुद्दे पर लड़ती रही है। पूर्व प्रत्याशी शेष नारायण ओझा, अरुण सिंह, विवेकानंद पाठक, मानस शर्मा, गौरव त्रिपाठी, शशांक मिश्र, फारुख खान, अनुराग राय, अभिनीत, अजीत आदि मौजूद थे।जासं, इलाहाबाद : गली-मुहल्लों में बिन मान्यता के चल रहे विद्यालयों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज की जाएगी। जांच टीम गली-गली भ्रमण करके वहां चलने वाले विद्यालयों की जानकारी हासिल करेगी। विद्यालयों की मान्यता की जांच करने के साथ बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच करेगी। मानक पर खरा न उतरने वाले विद्यालयों को बंद करवाने की कार्रवाई की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद बीते एक माह के अंदर ऐसे 88 विद्यालयों को नोटिस जारी कर चुका है। नगर शिक्षाधिकारी ज्योति शुक्ला का कहना है मानक की अनदेखी कर चल रहे विद्यालयों के खिलाफ मुहिम तेज की जाएगी, क्योंकि ऐसे विद्यालयों से बच्चों का भविष्य अंधकारमय है।

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