काली सूची में डाले गए विद्यालयों पर भी रहेगा प्रतिबंध
दो साल तक मान्यता वाले स्कूल नहीं बनेंगे केंद्र
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : वर्ष 2015 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए उन स्कूलों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा जिन्हें मान्यता मिले दो साल या उससे कम समय बीता है। काली सूची में डाले गए स्कूल भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाये जाएंगे। पहले व्यवस्था थी कि काली सूची में डाले गए स्कूलों को, जहां तक संभव हो, परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा, लेकिन इस प्रावधान का दुरुपयोग किया जाता था। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2015 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है। इस प्रारूप को मंजूरी के लिए माध्यमिक शिक्षा मंत्री को भेजा गया है। नियमत: किसी भी विद्यालय का परीक्षा केंद्र उससे आठ किमी के दायरे में होना चाहिए, लेकिन अक्सर जिला विद्यालय निरीक्षक और स्कूल के प्रधानाचार्य मिलकर इस नियम का उल्लंघन करते हैं। मनचाहा केंद्र पाने के लिए आठ किमी के दायरे के बाहर भी परीक्षा केंद्र बनाये जाते हैं। कागज पर उन्हें आठ किमी से कम दूरी पर बताया जाता है। इसलिए प्रस्तावित नीति में व्यवस्था की गई है कि यदि इस नियम के पालन में कहीं गड़बड़ी मिली तो जिला विद्यालय निरीक्षक और संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह भी प्रावधान किया गया है कि जिन वित्तविहीन स्कूलों में ज्यादा छात्र हैं, राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में पहले उनके परीक्षा केंद्र बनाये जाएंगे। यदि एक प्रबंधतंत्र के दो विद्यालय हैं, तो दोनों स्कूलों में एक-दूसरे के परीक्षा केंद्र नहीं बनाये जाएंगे। इसी प्रकार यदि एक स्कूल का परीक्षा केंद्र दूसरे विद्यालय में बनाया जाता है तो दूसरे का पहले वाले स्कूल में नहीं बनाया जाएगा। यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि ‘क’ विद्यालय का परीक्षा केंद्र ‘ख’ में और ‘ख’ का ‘ग’ में बनाया जाता है तो ‘ग’ का परीक्षा केंद्र ‘क’ में नहीं बनाया जाएगा। वर्ष 2014 में जिस स्कूल का परीक्षा केंद्र जहां बनाया गया था, अगले साल वहां नहीं बनाया जाएगा। पिछली तीन बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यदि किसी स्कूल में निरीक्षक दल के साथ अभद्रता या मारपीट हुई है तो उस विद्यालय को अगले वर्ष की परीक्षा के लिए केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिन स्कूलों में वर्ष 2014 की परीक्षा के दौरान कोई शिकायत नहीं मिली, उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। बालिकाओं के लिए स्वकेंद्र की व्यवस्था यथावत रहेगी। मंडलायुक्त के स्तर पर बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण होने के बाद शासन की अनुमति के बिना उनमें परिवर्तन नहीं होगा। मंडलीय समिति की ओर से किसी परीक्षा केंद्र के लिए आवंटित छात्र संख्या में भी बदलाव नहीं होगा।
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