Sunday, October 5, 2014

सबके लिए खुलेगा शिक्षा का द्वार -विश्वविद्यालय अनुदान आयोग शुरू करेगा नेशनल ई-लाइब्रेरी

  • कॉमन एडमिशन और पाठ्यक्रम भी रहेगा कॉमन
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग शुरू करेगा नेशनल ई-लाइब्रेरी

पहल :क्या-क्या होगा ई-लाइब्रेरी में1नेशनल ई-लाइब्रेरी में शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम के अनुसार उन्हे स्टडी मैटेरियल प्रोवाइड करवाई जाएगी। देश-विदेश से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। नेशनल ई-लाइब्रेरी के लिए अभी तक कोई शुल्क तो तय नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे मुफ्त या फिर कम से कम शुल्क में जनता को दिया जाएगा।


इलाहाबाद : अब वो दिन दूर नहीं जब विश्वविद्यालयों, आइआइटी और एनआइटी कॉलेजों में पढ़ाया जाने वाला ज्ञान आप भी पा सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने इसकी पहल करते हुए यूजीसी को आमजन के लिए एक ऐसी लाइब्रेरी बनाने का आदेश दिया है जिसके माध्यम से हर कोई शिक्षा प्राप्त कर सके। मंत्रलय ने इसके लिए देश के सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों का एक कानून और एक ही पाठ्यक्रम करने का निर्णय लिया है। मंत्रलय की इस योजना पर चंडीगढ़ में देश के सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने चर्चा भी की। योजना को प्रभावी रूप देने के लिए सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों का कॉमन एडमिशन और पाठ्यक्रम भी तैयार किया जाएगा। सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी और उसी के अनुसार छात्रों को विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा। जबकि कॉमन पाठ्यक्रम का मकसद देश के सभी छात्रों को एक समान शिक्षा का अवसर देना है। मंत्रलय के निर्देश पर यूजीसी ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इस नेशनल लाइब्रेरी का प्रयोग न केवल छात्र-छात्रएं कर सकेंगी बल्कि देश की आम जनता भी इसका भरपूर फायदा उठा सकेगी।

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